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उर्दू के ज्ञान में अज्ञान हो गई रेलवे,अशोक नगर को लिख दिया गुना जंक्शन

अशोकनगर/ अशोक नगर रेलवे स्टेशन पर लगे साइन बोर्ड को देखकर उर्दू भाषा जानने वाले लोग हैरान हो सकते हैं। रेल विभाग की ओर से स्टेशन पर लगे साइन बोर्ड में हिन्दी और अंग्रेजी में तो अशोकनगर लिखा हुआ है। लेकिन उर्दू में गुना जक्शन लिखा है।

ट्रेन यात्रियों को अंग्रेजी और हिन्दी में लिखे अशोक नगर से स्टेशन के बारे में जानकारी हो जाती है। परंतु गफलत में वे यात्री होते हैं जिन्हें उर्दू भाषा पढ़ना आती है। अजमेर रेल लाइन से अशोकनगर जुड़ा होने के कारण उर्दू भाषी यात्रियों का भी यहां से आवागमन होता है।

अजमेर में मोइनुद्दीन चिस्ती साहब की सबसे बड़ी दरगाह है जहां विदेशों से भी मुस्लिम समाज के लोग पहुंचते हैं। कई मुस्लिम लोग नमाज का समय होने की वजह से इस स्टेशन पर उतर जाते हैं। साबरमति एक्सप्रेस में भी ऊर्दू भाषी लोग अधिक होते हैं। ऊर्दू भाषा के जानकार इशाक खान का कहना है कि अशोकनगर स्टेशन के दोनों ओर प्लेटफार्म पर रेलवे विभाग ने उर्दू में गुना जंक्शन लिखा हैै।

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जबलपुर में मिनी ट्रक पलटने से 15 मजदूरों की मौत

जबलपुर: जबलपुर से करीब 50 किमी दूर चरगंवा रोड पर सोमवार सुबह मजदूरों से भरा मिनी ट्रक पलट गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें 15 मजदूरों की मौत होने की बात सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक हादसा नुनपुर के पास कमतिया में हुआ। जानकारी के मुताबिक मिनी ट्रक में महिला मजदूर को मिर्ची तुड़वाने के लिए ले जाया जा रहा था।

वाहन नीची से ललपुर जा रहा था।कलेक्टर महेश चौधरी ने हादसे में मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए और घायलों को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सूचना मिलने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी फोन ने अधिकारियों से जानकारी ली। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर हादसे को लेकर अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। 

मिनी ट्रक में सभी मजदूर खड़े हुए थे, इस दौरान ढलान पर ड्राइवर गाड़ी को बंद कर नीचे उतारने लगा। अचानक वह ट्रक पर से संतुलन खो बैठा और खतरा भांपते ही कूद गया। ढलान पर ट्रक लहराते हुए नीचे जाने लगा और गड्ढे में जाकर पलट गया।

मौके पर ही 8 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को ट्रक से बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। जहां सात लोगों की इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सुपरवाइजर सुभाष महिला मजदूरों से मिर्ची तुड़वाने का काम करवाता था। मिनी ट्रक कमलेश कुमार सोनी निवासी, करमेता, जबलपुर का है, जिसे ठेके पर लिया गया था। ड्राइवर के नाम रूपलाल और जगदीश हैं। हादसे के दौरान 2 बार ट्रक पलटा, जिसमें अधिकतर की हड्डी टूट गई और सिर फट गया।

 

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जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्‍टरी में आग,200 से ज्यादा बम फटे

जबलपुर: आयुध निर्माणी खमरिया में शनिवार शाम करीब 6 बजे एक के बाद एक 200 से ज्यादा बमों के फटने के धमाके हुए। इससे आसपास का पूरा क्षेत्र दहल गया। आग की लपटें डेढ़ से 2 किमी दूर से दिखाई दे रही हैं। निर्माणी के एफ-3 सेक्शन में यह घटना बॉर वैगन में 125एमएम (एंटी टैंक एम्युनेशन) बमों की लोडिंग करते समय हुई।

बमों में धमाके होते ही कर्मचारियों में भगदड़ की बन गई। धमाकों के तुरंत बाद फैक्ट्री के सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे शाम की शिफ्ट के करीब डेढ़ सौ कर्मचारी अंदर ही फंस गए। एफ-3 सेक्शन की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई है, ताकि शार्ट सर्किट से कहीं और बमों में विस्फोट न हो।धमाकों की आवाज सुनकर कर्मचारियों के परिजन और कर्मचारी नेताओं की भीड़ खमरिया के गेट नं.1, 3 के सामने लग गई। हर मिनट में दो से तीन बम धमाकों की आवाज गूंज रही थी। आयुध निर्माणी की फायर ब्रिगेड ने मौके पर आग बुझाना शुरू कर दिया था, वहीं नगर निगम, जीसीएफ और व्हीकल फैक्टरी की फायर ब्रिगेड भी आग बुझाने में लगी हुई हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर और एसपी सहित पुलिस-प्रशासन का अमला भी मौके पर पहुंच गया है। आसपास के गांवों में दहशतखमरिया में होने वाले धमाकों की आवाज सुनकर रांझी, मानेगांव, रिठौरी, बिलपुरा, चंपानगर, पिपरिया आदि क्षेत्र में खलबली मच गई।दहशत के कारण लोग घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों के लिए शहर की तरफ भागे। आग की लपटें देखकर ईस्टलैंड, वेस्टलैंड और आस-पास के गांवों में बसे कर्मचारियों के परिवार के लोग दौड़-भागकर खमरिया फैक्ट्री पहुंच रहे हैं। वहीं यह घटना होने के बाद निर्माणी के अधिकारियों ने फोन पर बात करना तक बंद कर दिया है।

कर्मचारी नेता बताते हैं कि एफ-3 सेक्शन में बमों की फिलिंग (खोल में बारूद भरना) का काम होता है। इसके बाद बमों को पास की बिल्डिंग नंबर 324 में स्टोर करके रखा जाता है। इस बिल्डिंग में करीब 12 हजार 500 से ज्यादा बम स्टोर हैं।

एक बम गिरने से वह फट गया और इसके बाद एक के बाद एक लगातार बमों में धमाके होते रहे। वहीं कुछ कर्मचारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने की वजह से भी बम फट सकते हैं। हालांकि, कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही होगा।

 

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उज्जैन के महाकाल मंदिर में भीषण आग

उज्जैन: उज्जैन के महाकाल मंदिर में भीषण आग लगने से भक्तों की आस्था को बड़ी ठेस पहुंची है। आग 7 दुकानों में लगी बताई जा रही है जिससे कि भस्म आरती का दरवाजा जल गया बताया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक आग बुझाने का कार्य जारी था। 

आग बुझने के बाद ही कारणों का पता चलेगा।

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