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विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने पारंपरिक रिवाज के साथ मनाया सुहागिनों का त्यौहार

नई दिल्ली/ देश के विदेश मंत्री पद का भार संभालने वालीं सुषमा स्‍वराज ने भी आम भारतीय महिलाओं की तरह अपनी पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा।

 लाल रंग की साड़ी में वह सोलह श्रृंगार किए नजर आईं और सभी पारंपरिक रीति-रिवाजों को निभाते हुए पूजा-पाठ के बाद आखिर में चांद को देखकर अपना व्रत तोड़ा।उन्‍होंने रविवार को दूसरी शादीशुदा महिलाओं के साथ अपने आवास पर पूरे उत्‍साह और भक्ति भाव के साथ यह पर्व मनाया।

वरिष्ठ वकील और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल, सुषमा स्वराज के पति हैं। दोनों की एक बेटी बांसुरी हैं।

 

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‘काव्य कल्लोल’ में हुआ कविता रस का प्रवाह...

फरीदाबाद/ स्थानीय सेक्टर 29 के सनातन धर्म मंदिर में संस्कार भारती द्वारा आयोजित मासिक कार्यक्रम के तहत "काव्य कल्लोल" गोष्ठी का आयोजन किया गया।

 

संस्कार भारती के हरियाणा प्रांत अध्यक्ष अजय शर्मा, आरएसएस विचारक राधेश्याम गुप्ता वकवि डॉ. दिनेश राठी ने अपने विचारों से कवियों और मौजूद गणमान्यों को प्रोत्साहित किया।

 

कार्यक्रम का संचालन कवि मनोज मनमौजी व सत्यप्रकाश भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर कवि आषुतोष ने नवांकुर के रूप में काव्य क्षेत्र में पदार्पण करते हुए काव्य पाठ किया। काव्य पाठ करने वाले अन्य कवियों में कवि यशदीप कौशिक, सतीश एकांत, कुलदीप ब्रजवासीनवनीत नवल, दिनेश राठी, स्वदेश चरोरा, समोद सिंह चरोरा आदि प्रमुख रहे।

 

गोष्ठी के दौरान पवन आर्य पागल को चित्रकारी एवं साहित्य के क्षेत्र में विशेष सेवा सम्मानप्रदान किया गया।

 

संस्कार भारती के कुमार वीरेंद्र, सम्पूर्ण व अभिषेक गुप्ता आदि कार्यक्रम में मौजूद थे।

 
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गुरू की महिमा का पर्व गुरू पूर्णिमा आज

आगरा/ आषाढ़ मास की पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला पर्व गुरु पूर्णिमा सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है. नासा ने अपने आफिशियल ट्विटर हैंडल से एक पोस्‍ट डालते हुए इसका जिक्र किया है और कहा है कि यह दिन फूल मून के रूप में मनाया जाने वाला है. नासा ने इस दिन के अन्‍य नाम भी सुझाए हैं, जैसे- राइप कॉर्न मून, हे मून, थंडर मून आदि. कैप्‍शन देते हुए नासा ने चांद का एक शानदार फोटो भी लगाई है, जिसे भारतीय काफी पसंद कर रहे हैं. 

नासा के इस ट्वीट को 16 सौ से ज्यादा बार रिट्वीट किया गया है.रविवार 9 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरे देश में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे. अपने गुरुओं के पूजन-वंदन का दिन साल में एक बार आता है. लेकिन इस बार यह पर्व अंतरराष्‍ट्रीय ख्‍याति पा चुका है. अमेरिका की स्‍पेस एजेंसी नासा ने गुरु पूर्णिमा का विशेष तौर पर जिक्र किया है. गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरम्भ में आती है. इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-सन्त एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं. ये चार महीने मौसम की दृष्टि से भी सर्वश्रेष्ठ होते हैं. न अधिक गर्मी और न अधिक सर्दी. इसलिए अध्ययन के लिए उपयुक्त माने गए हैं. जैसे सूर्य के ताप से तप्त भूमि को वर्षा से शीतलता एवं फसल पैदा करने की शक्ति मिलती है, वैसे ही गुरु-चरणों में उपस्थित साधकों को ज्ञान, शान्ति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है.

प्राचीन काल में जब विद्यार्थी गुरु के आश्रम में निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करता था तो इसी दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित होकर अपने गुरु का पूजन करके उन्हें अपनी शक्ति सामर्थ्यानुसार दक्षिणा देकर कृतकृत्य होता था. आज भी इसका महत्व कम नहीं हुआ है.पारंपरिक रूप से शिक्षा देने वाले विद्यालयों में, संगीत और कला के विद्यार्थियों में आज भी यह दिनगुरु को सम्मानित करने का होता है. मन्दिरों में पूजा होती है, पवित्र नदियों में स्नान होते हैं, जगह जगह भंडारे होते हैं और मेले लगते हैं.

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किताबों से ओबामा ने कमा लिये 400 करोड़

वाशिंगटनः हिन्दी गौरव के यूएसए संवाददाता विलियम थॉम्पसन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए भारी वेतन और सुविधाएं तो मिलती ही हैं, लेकिन पद छोड़ने के बाद भी उनकी कमाई कम नहीं होती। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा इसके ताजा उदाहरण हैं, जिन्होंने अपनी नई किताब के लिए 400 करोड़ की डील की है।ओबामा की पिछली किताबें भी इसी समूह ने प्रकाशित की थीं। जबकि मिशेल इससे पहले अमेरिकी ग्रोन नाम से एक किताब लिख चुकी हैं, जिसमें अच्छे खानपान की आदतों का जिक्र है। नई किताब ओबामा के राष्ट्रपति के तौर पर कामकाज और मिशेल के व्हाइट हाउस के अनुभवों के इर्दगिर्द रहेगी। यह किसी पूर्व राष्ट्रपति की किताबों का प्रकाशन का सबसे बड़ा करार है। 

पेंग्विन रैंडम हाउस ने सबको पछाड़ते हुए प्रकाशन का यह अधिकार हासिल किया। ओबामा फाउंडेशन ने बुधवार को एक बयान में कहा कि ओबामा और उनकी पत्नी अलग-अलग एक किताब लिखेंगे। उस किताब से मिली एक बड़ी रकम धर्मार्थ कार्यों के लिए दी जाएगी।ओबामा अपनी पहली तीन किताबों से 104 करोड़ रुपये पहले ही कमा चुके हैं। उन्होंने आत्मकथा ड्रीम्स ऑफ माई फादर, द ऑडिसिटी ऑफ माई होप और राष्ट्रपति रहने के दौरान ऑफ द आई सिंग: ए लेटर टू माई डॉटर्स किताब लिखी। 

अमेरिकी यूनिविर्सटी की शोध फर्म कोगोड स्कूल ऑफ बिजनेस एट के अनुसार, ओबामा दंपति अगले 15 सालों में पेंशन, किताबों की कमाई और भाषणों से करीब 20 करोड़ डॉलर यानी करीब 1687 करोड़ रुपये की कमाई करेंगे। फर्म ने बिल क्लिंटन और हिलेरी को एक भाषण पर मिलने वाले 1.4 करोड़ रुपये के आधार पर आकलन किया कि ओबामा को भी इससे 15 सालों में करीब एक हजार करोड़ रुपये कमा सकते हैं। 

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