Menu
                   
RSS

You Are Visitor No.

web
statistics

बृज क्षेत्र मीडिया संभाग जुटा पीएम मोदी की रैली के लिए

आगरा स्थित बृजक्षेत्र कार्यालय में करीब 20 कम्प्यूटरों से लैस मीडिया संभाग का उद्घाटन क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने टीम के सदस्यों के साथ किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी की 09 जनवरी की होने वाली विशाल रैली के लिए मीडिया संभाग के सभी सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराने के साथ ही सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर भारतीय जनता पार्टी की उपलब्धियों के लिए भी टीम से उन्होंने बोला।

बेहद शानदार स्वरूप में मीडिया संभाग के साथ कुशल आईटी प्रोफेशनल व मीडिया कार्य से जुड़े हुए लोगों का समूह पीएम नरेन्द्र मोदी की रैली के दौरान लाइव टेलीकास्ट भी करेगा व लखनउ स्थित प्रधान कार्यालय को भी हर गतिविधी से अवगत कराया जाएगा। 

2019 के लिए एक वार रूम के रूप में यह संभाग कार्य करेगा जिसमें विरोधी दलों के गंदे मंसूबों को नेस्तानाबूत करने के साथ देश में और विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में सकारात्मक उर्जा व दृष्टिकोण लाने में भी मददगार साबित होगा। 

इस मीडिया संभाग के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो कि भारतीय जनता पार्टी की आई टी टीम के साथ मिलकर मिशन 2019 के लिए कार्य करेगी व भारतीय जनता पार्टी की उपलबिधयों व योजनाओं को भी जनता के बीच पहले से भी ज्यादा स्पष्ट तौर पर लेकर जाएगी। 

इस मीडिया संभाग के उद्घाटन के अवसर पर टीम के सभी सदस्यों ने बृज क्षेत्र अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी का आभार व्यक्त किया। 

 

Read more...

देश में हर-हर मोदी, आगरा में घर-घर मोदी

पीएम नरेन्द्र मोदी लोकसभा 2019 के लिए विजयी अभियान की शुरूआत आगरा से करने जा रहे हैं और हिन्दू संस्कृति के किसी भी कार्य को निर्बाध रूप से शुभ नक्षत्रों में सम्पन्न करने के लिए हवन का बहुत महत्व होता है! 

आगरा में 9 जनवरी को पीएम मोदी की ऐतिहासिक रैली होने जा रही है जिसके लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम छह जनवरी को रैली स्थल पर रखा गया! इस धार्मिक अनुष्ठान में आगरा शहर व आगरा ग्रामीण के सांसदों सहित बृज क्षेत्र के संगठन मंत्री व बृज क्षेत्र अध्यक्ष सहित प्रदेश के बड़े नेताओं ने भी हवन में आहुति दी! इस मौके पर आगरा शहर व ग्रामीण क्षेत्र के सभी विधायक व जिला व महानगर कार्यकारणी के सभी पदाधिकारियों ने मंगलकामना करते हुए रैली को सफल बनाने के लिए ईश्वर से कामना की!

रैली की तैयारियों व रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए आगरा शहर व पूरे आगरा जिला में बैठकों का दौर जारी है! सघन अभियान, जनसंपर्क व बैठकों के साथ चुनावी श्रीगणेश के पीएम मोदी के अभियान को पूर्ण सफल करने के लिए संपूर्ण भारतीय जनता पार्टी ने कमर कस ली हैं! 

पूरे शहर में भगवा झंडों व घर-घर मोदी का माहौल दिखाई दे रहा है! कार्यकर्ताओं में इस रैली को लेकिन इतना उत्साह है कि सर्द बर्फीली हवाओं के बावजूद भूमि पूजन कार्यक्रम में भी कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या मौजूद थी!आगरा शहर व जिलास्तर पर होने वाली बैठकों में देखा जा रहा है कि लोग खुद भारतीय जनता पार्टी के महानायक और देश के प्रधानमंत्री की रैली के लिए अपने को जोड़ना चाहते हैं। आगरा शहर के गली मोहल्लों से लेकर हर जगह सिर्फ मोदी ही मोदी की गूंज सुनाई देना जहों भाजपा के कार्यकर्ताओं को उत्साहित कर रहा है वहीं रैली के व्यवस्थाकों को भी नया उत्साह दे रहा है।

बृजक्षेत्र संगठन मंत्री के अलावा बृज क्षेत्र के अध्यक्ष भी उत्साह से लबरेज होकर बैठकों की कड़ी को आगे बढ़ा रहे हैं और जहां भी जा रहे हैं लोगों का उत्साह प्रधानमंत्री मोदी की रैली को बेहद उत्साहवर्धक देखने को मिल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाओं को पूरा करने में जुटे हैं लेकिन कार्यकर्ताओं के उत्साह और जोश को देखने के साथ शहर के मोदीमय हो जाने से अब घर-घर से मोदी के नारों की गूंज सुनाई दे रही है। 

Read more...

राजस्थान का रण जीतना आसान नहीं है कांग्रेस के लिए

देश में चुनावी माहौल है क्योंकि बहुप्रतिक्षित 3 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तिथि नजदीक आ रही है।चुनावी सर्वे और प्रत्याशियों की सूचियां जारी होने लगी हैं।

चुनावों में सबसे रोमांचक चुनाव राजस्थान राज्य का माना जा रहा है क्योंकि वहां की वसुन्धरा राजे की सरकार के दोहरने की उम्मीद को अभी तक आए सर्वे नकार रहे हैं।परिस्थितियां अजीबो गरीब हालात से गुजर रही हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह आश्वस्त है कि राजस्थान में भाजपा को कोई खतरा नहीं है।

वसुन्धरा राजे को एक सख्त प्रशासक के रूप में जाना जाता है और राजस्थान में विकास की जो गति है व वर्तमान राजस्थान ने बीते 5 साल में विकास का चहुमुंखी आंकड़ा प्राप्त किया है वो भी दिखता है।

राजधानी जयपुर हो या बड़े शहर जोधपुर, अजमेर, कोटा अथवा उदयपुर में बीते 5 साल में जीवन स्तर व शिक्षा के स्तर के साथ जन सुविधाओं में प्रगति होना वसुन्धरा सरकार की उपलब्धियां गिनाता है।

कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी की चुनाव पूर्व व चुनाव घोषणा के बाद टिकट वितरण में हुई अंतर्कलह का फायदा उठाना चाहती है जबकि भीतरघात कांग्रेस में भी कम नहीं हैं।

मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में सचिन पायलट को युवा चेहरा के रूप में पार्टी प्रचारित कर रही है लेकिन वरिष्ठ अशोक गहलोत का कोई तोड़ नहीं है।

सचिन पायलट को मात्र 21 फीसदी लोग प्रदेश की पसंद मान रहे हैं।

राहुल गांधी के प्रचार में मुद्दों की जगह आरोप ज्यादा होते हैं जो कि जनता को मजाक लगते हैं क्योंकि राजस्थान ने विकास किया है।

वसुन्धरा राजे अभी भी मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के लोगों की पहली पसंद 36 फीसदी के साथ बनी हुई हैं जबकि अशोक गहलोत को करीब 30 फीसदी लोग मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

सबसे अहम पहलू इस बार बहुजन समाज पार्टी के द्वारा राजस्थान में बड़ी संख्या में अपने प्रत्याशी उतारना है जो कि जीतें या न जीतें लेकिन कांगेस का खेल बिगाड़ते जरूर दिख रहे हैं।

राजस्थान का इतिहास रहा है कि वहां की जनता ने प्रत्येक 5 साल में सरकार बदली है पर इस बार इतिहास खुद को दोहराता है या खुद इतिहास बन जाता है यह देखना रोचक होगा क्योंकि राज्य की पूरी 26 लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है और भाजपा की संगठनात्मक शक्ति का मतदाताओं को खींचना एक बड़ा खाका खींचता रहा है।

 

Read more...

मंदिर भले ही न बनाओ पहले बंदर भगाओ

आगराः बुरा हाल है इस वक्त आगरा महानगर सहित निकटवर्ती देहाती इलाकों का क्योंकि अचानक बीते दिनों बढ़े बंदरों के आतंक से समूचा क्षेत्र दहशत में है। अब तक करीब एक दर्जन मौत बदरों के हमलों से हो चुकी हैं।

आतंक का आलम यह है कि शहर के पुराने इलाके हों या नई बसी कॉलोनियां या फिर देहाती क्षेत्र, सभी जगह बंदरों का कब्जा होता जा रहा है।बंदरों के उत्पात की खबरें तो बहुत सबने सुनी हैं पर यहां अब बंदर इंसानों पर हमला करने लगे हैं।

आमतौर पर बंदर को शाकाहारी माना जाता है। पर कुछ हमलों की वारदातों में बंदरों के द्वारा नरभक्षी के रूप में इंसान के शरीर से मांस तक नोच लेने की घटनाएं अब सामने आने लगी हैं।बीते 8 दिनों में ही शहर में बंदरों के हमले से 6 मौतें हो चुकी हैं।

आगरा हिन्दूवादी संगठनों का गढ़ माना जाता है और अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर शहर में भी सुगबुगाह जारी है पर अब वही हिन्दूवादी संगठन इस आपदा से निपटने के लिए गुहार लगा रहे हैं कि मंदिर भले ही मत बनाओ पहले बंदरों को भगाओ।

बंदर को हनुमान भगवान का अवतार माना जाता है और वर्तमान आगरा शहर व निकटवर्ती इलाके लंका जैसे दृश्य दिखने लगे हैं। प्रशासन कोशिश् कर रहा है इस आपदा से निपटने के लिए पर हर कोशिश नाकाफी साबित हो रही है।

वन विभाग की टीमें बंदरों की बढ़ती संख्या व उनकी चपलता और हिंसक होती कार गुजारियों को रोकने में पूरी तरह असफल साबित हो रही हैं।शहर के मेयर,जिलाधिकारी व नगर पुलिस अधीक्षक सभी इसको बड़ी समस्या मानते हैं पर उपाय किसी को भी नहीं सूझ रहा कि वानर सेना की दहशत से क्षेत्र को कैसे सुरक्षित किया जाए।

बंदर अब न भारतीयों को देख रहे हैं न ताजमहल देखने आने वाले विदेशी पर्यटकों को। बंदरों के हमले ताजमहल व अन्य शहर के पर्यटन स्थलों पर विदेशियों के उपर होना आम बात हो चुकी है।ताजमहल की सुरक्षा में लगे जवान भी अब बंदरों को भगाते नजर आते हैं।

अपनी सुरक्षा अपने हाथ की तर्ज पर कई मोहल्लों व गांवों में सुरक्षा समितियों का गठन हो गया है क्योंकि ये आतंकवादी बन चुके बंदर अब दिन में ही नहीं रातों को भी घरों में प्रवेश कर चीजों को नुकसान पहुंचाने लगे हैं और खाने को न मिलने पर सोते हुए लोगों पर हमले भी करने लगे हैं।

गौरतलब है कि शहर व जिले की 9 विधानसभा सीटों पर सभी भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं व सांसद भी आगरा शहर व आगरा देहात की सीट पर भारतीय जनता पार्टी के हैं। नगर निगम में मेयर भी भारतीय जनता पार्टी के हैं।राम मंदिर निर्माण की हलचलों को लेकर शहर में भी सुगबुगाहट है लेकिन राम मंदिर से पहले अब घर-घर से आवाज आ रही है कि मंदिर भले ही न बनाओ पहले बंदर भगाओ।

 

Read more...

इन्हें भी पढ़ें

loading...
Info for bonus Review William Hill here.