Menu
                   
RSS

You Are Visitor No.

web
statistics

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए ईरान की दूसरी सहायता खेप, सोमवार को

तेहरान/ ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने बताया है कि रोहिंग्या मुसलमानों के लिए ईरान की मानवताप्रेमी सहायता की दूसरी खेप सोमवार को पहुंचेगी।

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए ईरान की पहली सहायता खेप शुक्रवार को बांग्लादेश पहुंच चुकी है। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख मुर्तज़ा सलीमी ने शनिवार को बताया कि दूसरी खेप में जिसका वज़न 160 टन है, खाद्य पदार्थ, दवाएं और बुनियादी आवश्यकता की वस्तुएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पहली खेप बांग्लादेश के उस क्षेत्र में पहुंचा दी गई है जहां रोहिंग्या शरणार्थियों को रखा गया है।

मुर्तज़ा सलीमी ने बताया कि सहायता खेप के साथ ही एक टीम भी बांग्लादेश भेजी गई है जो वहां उस क्षेत्र का निरीक्षण करेगी जहां रोहिंग्या शरणार्थियों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि यह टीम शरणार्थियों के लिए अस्थायी कैम्प और मोबाइल अस्पताल बनाने के लिए उचित स्थान की पहचान करेगी। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रमुख ने बताया कि ईरान की यह टीम बांग्लादेश के कई सांसदों से भी मुलाक़ात और बातचीत करेगी। म्यांमार की सेना द्वारा राख़ीन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों पर किए जा रहे भयावह और अमानवीय हमलों के कारण हज़ारों लोग हताहत और घायल हुए हैं जबकि चार लाख से अधिक बेघर हो गए हैं जिनमें से अधिकतर ने बांग्लादेश में शरण ली है। 

Read more...

उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए ईरान का बड़ा कदम

तेहरान/ शिया मुसलमानों के आठवें इमाम हज़रत इमाम अली रज़ा (अ) के शुभ जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर ईरान ने सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में लांच करने वाले राकेट सीमूर्ग़ का सफल परीक्षण करके इमाम ख़ुमैनी अंतरिक्ष केन्द्र का उद्घाटन किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक़, इमाम ख़ुमैनी अंतरिक्ष केन्द्र ईरान का पहला स्थायी लॉंचिग पैड है। यह एक विशाल कॉम्पलैक्स है, जिसमें उपग्रहों को अंतरिक्ष में लांच करने वाले राकेट के निर्माण से लेकर कंट्रोल तक का कार्य किया जाता है।

यह आधुनिक तकनीक से लैस एक अंतरिक्ष केन्द्र है, जिसे दुनिया की आधुनिक तकनीक को नज़र में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

इमाम ख़ुमैनी अंतरिक्ष केन्द्र अपने अंतिम चरण में पृथ्वी कक्ष एलईओ में देश की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।

सीमूर्ग़ 250 किलो के उपग्रहों को पृथ्वी के 500 किलोमीटर तक के कक्ष में लांच कर सकता है।

Read more...

ईरान ने यूएस कंपनियों पर बैन लगाकर दिया जबाव

तेहरानः ईरान ने अमरीका को ईंट का जवाब पत्थर से देते हुए उसकी 15 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।वाशिंग्टन द्वारा ईरान की सहायता करने वाली एक दर्जन कंपनियों और व्यक्तियों को प्रतिबंधित करने के एक दिन बाद, इस्राईली अत्याचारों और आंतकवाद का समर्थन करने के कारण, ईरान ने अमरीका की 15 कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि अमरीका की जिन कंपनियों को प्रतिबंधित किया गया है, वह इस्राईल के अत्याचारों में भागीदारी हैं।

बयान में कहा गया है कि यह कंपनियां अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी इलाक़ों में इस्राईल की अवैध कालोनियों के निर्माण में सहयोग करके राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 का उल्लंघन कर रही हैं।

इसके बाद, अमरीका की यह कंपनियां अब ईरानी कंपनियों के साथ व्यापार नहीं कर सकेंगी, उनके खातों को सीज़ कर दिया जाएगा और उनके कर्मचारियों को वीज़ा जारी नहीं किया जाएगा।विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमरीका द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ लगाए गए प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और परमाणु समझौते का खुला उल्लंघन है। 

Read more...

फ़ार्स की खाड़ी में अमरीकी बेड़े और ईरानी नौकाओं का टकराव

तेहरानः पश्चिमी स्रोतों ने फ़ार्स की खाड़ी और ओमार सागर के बीच हुर्मुज़ स्ट्रेट में अमरीकी बेड़े से ईरान की युद्धक नौकाओं के टकराव की सूचना दी है।

अमरीकी नौसेना की कमान के हवाले से दावा किया है कि ईरान की युद्धक नौकाओं ने मंगलवार को हुर्मुज़ स्ट्रेट में अमरीका के एक विमानवाहक पोत के निकट पहुंच कर उसे चेतावनी दी। रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी नौसेना की कमान ईरान की इन नौकाओं के अभियान को लेकर चिंतित है और उसने कहा है कि ईरानी नौसेना की ये नौकाएं, अमरीकी युद्ध पोतों के लिए समस्याएं उत्पन्न कर रही हैं।

यह एेसी स्थिति में है कि जब इस्लामी गणतंत्र ईरान ने कई बार स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि हुर्मुज़ स्ट्रेट में विदेशी युद्ध पोतों के बारे में जानकारी प्राप्त करना उसका अधिकार है और अगर इन बेड़ों व पोतों द्वारा ईरान की जल सीमा के उल्लंघन की स्थिति में अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के अनुसार उन्हें आवश्यक चेतावनी दी जाती है। अपनी जल सीमा के कुछ ही किलो मीटर के फ़ासले पर ईरान की वायु सीमा की नौकाओं की गतिविधियों पर अमरीकी सेना का आक्रोष एेसी स्थिति में है जब अमरीका के युद्ध पोत अपने देश से हज़ारों किलो मीटर दूर और ईरान की जल सीमा के निकट गतिविधियां कर रहे हैं।

Read more...

इन्हें भी पढ़ें

loading...
Info for bonus Review William Hill here.