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मालीः आतंकवादी हमलों में 11 सैनिकों की मौत

माली: अफ्रीकी देश बुरकीना फासो की सीमा से निकट माली की सेना की चौकी पर हुए आतंकवादी हमलों में कम से कम 11 सैनिकों की मौत हो गयी।माली के रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक किसी भी आतंकवादी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन हाल ही में आतंकवादी संगठन अलकायदा से जुड़े संगठनों के सेना पर हुए हमलों को देखते हुए इस बात की पूरी आशंका है कि इस हमले के पीछे भी अल कायदा या संबंधित संगठनों का ही हाथ होगा।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल एब्दुलाय सिदिबे ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि बुलकेसी स्थित सेना की चौकी पर सुबह चार से पांच बजे के बीच आतंकवादियों ने हमला बोल दिया। इस हमले में 11 सैनिकों की मौत हो गयी जबकि पांच अन्य घायल हो गये।उल्लेखनीय है कि इस्लामी ग्रुप अंसार दिने ने पिछले वर्ष अपने हिंसात्मक अभियान को और तेज करते हुए कई हमलों को अंजाम दिया था। अल कायदा के उत्तरी अफ्रीकी सहयोगी अल मौराबिटन ने जनवरी में उत्तरी माली स्थित सेना के शिवर में किये गये आत्मघाती बम विस्फोट की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 60 से अधिक लोग मारे गये थे जबकि 100 से अधिक गंभीर रूप से घायल हो गये थे।

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माली हमले की अभी तक किसी ने नहीं ली जिम्मेदारी, 67 लोगों की हुई है मौत

बमाको: माली के उत्तरी इलाके में बुधवार को सैनिक बैरकों में हुए आत्मघाती कार बम हमले में कम से कम 67 लोगों की मौत हो गई. मेडिकल सोर्सेज (चिकित्सीय सूत्रों) ने कहा कि हमले में कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं.शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने उत्तरी शहर गाओ में स्थित सैन्य बैरकों में प्रवेश करते समय कार में विस्फोट कर दिया, जहां सैकड़ों माली सैनिक और संबद्ध लड़ाके जमा थे.

चश्मदीदों ने कहा कि विस्फोट इतना भयानक था कि पूरे शहर में धूल का गुबार छा गया, जिसके कारण कई स्कूलों और दुकानों को बंद करना पड़ा.गाओ में सैन्य बल ने कहा कि सैन्य सूत्रों ने अतिरिक्त हमलों की संभावना से इनकार नहीं किया है. अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

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मालदीव के पूर्व राष्ट्रपतिके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

माले: मालदीव की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद के सत्ता में रहने के दौरान सरकारी धन के कथित दुरूपयोग के मामले की जांच को लेकर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।

आतंकवाद के मामले में नशीद को दोषी करार दिया गया था और 13 साल की जेल की सजा काटते हुए उनको उपचार कराने के लिए बाहर जाने की इजाजत मिली थी।नशीद मालदीव में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पहले राष्ट्रपति थे और साल 2012 में उनको अपदस्थ कर दिया गया था। 49 साल के नशीद को इसी साल मई में ब्रिटेन में राजनीतिक शरण मिली

पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति रहने के दौरान सरकारी धन का कथित तौर पर दुरूपयोग करने के मामले में जांच को लेकर नशीद की गिरफ्तारी की मांग की गई थी।’ समाचार पत्र ‘द मालदीव इंडिपेंडेंट’ के मुताबिक पुलिस ने कहा, ‘मालदीव की सुधार सेवा नशीद को वापस लाने की मांग कर रही है ताकि वह आतंकवाद के मामले में 13 साल की सजा काट सकें।’ 

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