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भाजपा ने नीतीश कुमार को समर्थन देने का किया एलान

पटना / नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद राजधानी पटना में भाजपा विधानमंडल की बैठक में नीतीश कुमार को एनडीए का नेता चुना लिया गया है।

भाजपा नेता सुशील मोदी और प्रदेश अध्यक्ष नित्‍यानंद राय ने समर्थन देने की घोषणा की दी। सुशील मोदी ने नीतीश कुमार से फोन पर बात की ओर इसके बाद समर्थन का एलान किया। उन्‍होंने कहा कि हम राज्‍यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे।

प्रदेश अध्‍यक्ष नित्यानंद राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार के प्रति विश्वास व्यक्त करती है। हम उनके नेतृत्व में सरकार बनायेंगे। 

इसके बाद भाजपा के विधायकों को सीएम हाउस बुलाया गया है। कुछ ही देर में तमाम विधायक नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचेंगे। बताया जा रहा विधायक यहां पर पहुंचकर अपना समर्थन करेंगे। उम्‍मीद लगायी जा रही है कि कल ही नीतीश कुमार भाजपा के समर्थन से नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

बैठक से पहले भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि जनता दल यू ने भ्रष्टाचार के मुदृदे पर स्टैंड लिया। हमें खुशी है कि राज्य के मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समझौता नहीं किया। कांग्रेस ने हस्तक्षेप नहीं किया। हम इसका स्वागत करते हैं। भाजपा मध्यावधी चुनाव के पक्ष में नहीं है।

विधानमंडल की बैठक में नित्यानंद राय, सुशील मोदी और प्रेम कुमार निर्णय लेकर केंद्रीय कमेटी को अवगत करायेंगे। इसके बाद आगे की रण‍नीति पर निर्णय लिया जायेगा।  

वहीं दिल्ली में बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह सहित कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। बैठक में बिहार की राजनीतिक हालात को देखते हुए नीतीश कुमार को समर्थन देने पर विचार किया गया।

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बिहार की सियासत में हड़कंप - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इस्तीफा

पटना/ बिहार महागठबंधन के टूटने की कगार तक पहुंचने के लिए संभवत: ये कारण ज़िम्मेदार रहे हैं-

1- लालू के परिजनों के खिलाफ सीबीआई के छापों के कारण जेडीयू और आरजेडी के बीच के संबंधों में खटास आती जा रही थी. सीबीआई ने 7 जुलाई को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं उनके बेटे तेजस्वी यादव सहित उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज करने के बाद 12 स्थानों पर छापेमारी की.

2- होटल के बदले भूखंड मामले में लालू के पुत्र तेजस्‍वी यादव को आरोपी बनाए जाने के बाद उनके इस्‍तीफे की मांग मुखरता से जेडीयू की ओर से उठाई जा रही थी. इससे पहले लालू के दूसरे पुत्र और राज्‍य सरकार में मंत्री तेजप्रताप यादव और लालू के अन्‍य परिजनों के खिलाफ भी सीबीआई और ईडी ने कार्रवाई की थी. 

3- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर शेल (फर्जी) कंपनी के जरिए कथित तौर पर ‘बेनामी संपत्ति’ अर्जित करने के बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी के आरोपों का इस गठबंधन को तोड़ने में अहम भूमिका रही.

 

4-बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव की बेटी और राज्यसभा सदस्य मीसा भारती पर देश की राजधानी दिल्ली में करोड़ों रुपये कीमत की ज़मीन को कौड़ियों के भाव खरीदने का आरोप लगाया था. सुशील कुमार मोदी का दावा था मीसा भारती ने अपने पति के साथ मिलकर शेल कंपनियों के ज़रिये यह ज़मीन खरीदी थी.

 

5- सुशील कुमार मोदी ने कहा कि मीसा भारती ने अपने पास मौजूद काले धन को अपनी कंपनियों मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड के शेयरों की संदिग्ध खरीद-फरोख्त के ज़रिये सफेद बनाया. यह कंपनी वर्ष 2002 में एक लाख रुपये के निवेश से शुरू की गई थी. सुशील कुमार मोदी ने मीसा की आय के स्रोत को चुनौती देते हुए यह सवाल भी किया था कि मीसा भारती ने चुनाव आयोग को दिए अपने एफिडेविट में उसका ज़िक्र क्यों नहीं किया था.

 

6- डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ अवैध संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद नीतीश कुमार उनसे इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे, उन्होंने इस मुद्दे पर सीधे तो कुछ नहीं किया लेकिन अपने इरादे खुलकर जाहिर कर दिए थे, नीतीश की इस मांग पर लालू ने झुकने से साफ इंकार कर दिया था.

 

7-इस पूरे झगड़े के बीच मुख्य बात ये है कि लालू और नीतीश दोनों ने ही लंबे समय से एक दूसरे से बात नहीं की है, हालांकि मीडिया में शुरूआत में ये खबर आई थी कि झगड़ा निपटाने के लिए दोनों के बीच बातचीत हुई है लेकिन बाद में लालू और नीतीश दोनों ने इससे साफ इंकार कर दिया.

 

8- पटना में एक कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम ने भी महागठबंधन में दरार बढ़ने के साफ संकेत दिए. इस कार्यक्रम में जिस तरह उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अनुपस्थित रहकर अपनी नाराजगी का इजहार किया वो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अखर गया. उन्होंने भी मंच पर रखी तेजस्वी के नाम की नेमप्लेट और कुर्सी को तुरंत हटवाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए. इसी कार्यक्रम के बाद नीतीश ने रविवार को जदयू विधायकों की बैठक बुला ली थी.

 

9- 12 साल से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि राज्य के साथ ही देशभर में सुशासन बाबू और भ्रष्टाचार पर कोई रियायत न बरतने वाले नेता की रही है. पिछली सरकारों में वह अपने कई मंत्रियों को सिर्फ आरोप लगने के बाद हटा चुके हैं. लेकिन लालू यादव के साथ गठबंधन की सरकार में आने के बाद नीतीश की इस छवि को धक्का पहुंचा है.

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डिप्टी सीएम बने रहेंगे तेजस्वी यादव

पटना/ होटल भूमि घोटाला मामले में हो रही सीबीआई जांच में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नाम आने के बाद महागठबंधन सरकार में शामिल जदयू ने उनके इस्तीफे की मांग की थी. जिसके बाद ऐसा लग रहा था यह गठबंधन टूट जाएगा. लेकिन अब खबर आ रही है कि मंगलवार शाम तेजस्वी की सीएम नीतीश कुमार के साथ बैठक हुई जिसमें सुलह का रास्ता निकल गया.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार ने कहा, तेजस्वी को अब इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है. यानी तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बने रहेंगे. पटना स्थित पुराने सचिवालय में मंगलवार शाम करीब एक घंटे तक चली राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद तेजस्वी मुख्यमंत्री के कक्ष में गए. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और तेजस्वी के भाई तेजप्रताप यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी भी मुख्यमंत्री के कक्ष में उपस्थित थे. सूत्रों के अनुसार सीएम के कक्ष में 50 मिनट की बैठक में सुलह का फॉर्मुला निकाला गया. अब यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि जदयू, राजद और कांग्रेस का महागठबंधन अटूट है.

 

डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के सोमवार (17 जुलाई) को एक तरह से अपने इस्तीफा देने की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह केवल मीडिया में है. पिछले बुधवार (12 जुलाई) को कैबिनेट की बैठक के बाद पुराने सचिवालय गेट पर डिप्टी सीएम की प्रतिक्रिया लेने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ उनके के सुरक्षा गार्डों के कथित दुर्व्यवहार की घटना के बाद मंगलवार (18 जुलाई) कैबिनेट की बैठक के समय मीडियाकर्मियों का पुराने सचिवालय में प्रवेश पर बैन लगा दिया था और कैबिनेट की ब्रीफिंग सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभागार में हुई. 

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जेडीयू की अह्म बैठक में तेजस्वी यादव पर होगा फैसला

पटना/ मुख्यमंत्री आवास पर जदयू की अहम बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक में नेताओं का आना जारी है। बैठक में शामिल होने वाले नेताओं ने एक सुर में कहा कि कोई मुश्किल की स्थिति नहीं है।

जदयू नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार अपनी छवि के लिए जाने जाते हैं और आज भी वो अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेंगे। नेताओं का कहना है कि जो देश हित में होगा, जो बिहार के हित में होगा हमारी पार्टी वही फैसला लेगी। 

सोमवार को राजद के बैठक के बाद अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के आवास पर जदयू की बैठक पर टिकी है। राजद की बैठक में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफे के साथ ही पार्टी की कार्यकारिणी के विस्तार पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। लेकिन, बैठक में तेजस्वी के इस्तीफे पर जदयू का क्या फैसला होगा? इसपर सबकी नजर रहेगी।

इस बैठक में विधानमंडल के सदस्य, मंत्री, प्रवक्ता और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष भी मौजूद हैं। जदयू की यह राज्य कार्यकारिणी की विस्तारित बैठक बुलाई गई है जिसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संबोधित करेंगे।

 

 

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